जबलपुर: भाजपा पार्षद कविता रैकवार का ओबीसी प्रमाण पत्र फर्जी घोषित, सदस्यता पर संकट



जबलपुर। शहर के हनुमानताल वार्ड की भाजपा पार्षद कविता रैकवार के खिलाफ बड़ा फैसला सामने आया है। पिछड़ा वर्ग उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने उनके अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जाति प्रमाण पत्र को जांच के बाद फर्जी करार देते हुए निरस्त कर दिया है।

बताया जा रहा है कि कविता रैकवार ने इसी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था और भाजपा की टिकट पर पार्षद निर्वाचित हुई थीं। उन पर आरोप था कि वे मूल रूप से सामान्य वर्ग से संबंधित हैं, लेकिन उपनाम में बदलाव कर एसडीएम कार्यालय से ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाया गया।

⚖️ अदालत के निर्देश पर शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत कांग्रेस नेता राजेन्द्र सराफ द्वारा उच्च न्यायालय में दायर याचिका से हुई थी। वर्ष 2022 में अदालत ने मामले को छानबीन समिति को सौंपते हुए जांच के निर्देश दिए थे।

🔍 जांच में खुली सच्चाई
छानबीन समिति ने वर्ष 2023 में ही प्रारंभिक जांच पूरी कर ली थी, जिसमें प्रमाण पत्र को अवैध पाया गया। इसके बावजूद कार्रवाई में देरी होने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की।

इसके बाद कोर्ट के सख्त रुख के चलते विजिलेंस विभाग, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को संयुक्त जांच के निर्देश दिए गए। तीनों विभागों की रिपोर्ट में प्रमाण पत्र के नियमों के विरुद्ध जारी होने की पुष्टि हुई।

📜 प्रमाण पत्र शून्य घोषित
संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर छानबीन समिति ने अंतिम निर्णय लेते हुए प्रमाण पत्र को शून्य घोषित कर दिया है।

⚠️ सदस्यता पर मंडराया संकट
इस फैसले के बाद पार्षद कविता रैकवार की सदस्यता पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कानूनी जानकारों के अनुसार, आगे उनकी सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

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