जबलपुर। हनुमानताल थाना क्षेत्र में फूड डिलीवरी बॉय से चाकू की नोक पर मोबाइल और नकदी लूटने वाले बदमाशों को पुलिस ने वारदात के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचते हुए लूटा गया मोबाइल और नकदी बरामद कर ली है, जबकि मामले का तीसरा आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक शैलेष नोरिया (20) निवासी ग्राम पदम, जिला नरसिंहपुर, वर्तमान में मदार टेकरी गेट के पास हनुमानताल में रहकर जेमेटो में फूड डिलीवरी का काम करता है। 28 मई की तड़के करीब 4 बजे वह कोतवाली क्षेत्र में पार्सल डिलीवरी देने के बाद वापस लौट रहा था। इसी दौरान अनवरगंज तिराहे के पास तीन युवकों ने उसकी मोटरसाइकिल रोक ली।
बताया गया है कि आरोपियों में शामिल शिवम उर्फ शुभम सोनकर ने मोटरसाइकिल की चाबी निकाल ली। जब शैलेष ने विरोध किया तो तीनों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बदमाश उसकी जेब में रखे 800 रुपये, पर्स और मोबाइल फोन छीनने लगे। इसी बीच एक आरोपी ने अपने साथी को देवराज कहकर पुकारा, जिसके बाद उसने चाकू निकालकर शैलेष की बाईं जांघ पर वार कर दिया।
घायल डिलीवरी बॉय मदद के लिए संघर्ष कर ही रहा था कि पीछे से उसका दोस्त सीताराम आता दिखाई दिया। दोस्त को आता देख तीनों बदमाश मौके से भाग निकले। घटना की शिकायत पर हनुमानताल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज बने पुलिस की सफलता की कुंजी
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बस स्टॉप के पास दबिश देकर शिवम उर्फ शुभम सोनकर (30 वर्ष) और देवराज उर्फ पिल्ला सोनकर (23 वर्ष) को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि लूटी गई रकम में से 400 रुपये शराब पीने में खर्च कर दिए थे, जबकि बाकी 400 रुपये उनके पास सुरक्षित थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 14 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन और 400 रुपये नकद बरामद कर लिया है।
पहले से अपराधी रिकॉर्ड वाले निकले आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी शिवम उर्फ शुभम सोनकर के खिलाफ पहले से मारपीट के 5 मामले दर्ज हैं, जबकि देवराज उर्फ पिल्ला सोनकर के खिलाफ 3 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इससे साफ है कि दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
पुलिस टीम की तत्परता से मिला सफलता का परिणाम
पूरे मामले का खुलासा करने में थाना प्रभारी सुभाष चंद्र बघेल, उप निरीक्षक राजेश पांडे, सहायक उप निरीक्षक राजेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक अजय डबराल, आरक्षक सादिक, वीरेंद्र, शिवशंकर, विनीत, आशीष तिवारी एवं साजिद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है, जबकि फरार तीसरे आरोपी की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
