बस 10 मिनट में घर पहुंच रहा हूं...' लेकिन नहीं लौटे वीरेंद्र; जबलपुर में तेज रफ्तार कार ने दो दोस्तों की ली जान



जबलपुर। भेड़ाघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे पर गुरुवार देर रात तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। कूड़न पेट्रोल पंप के सामने एक बेकाबू कार ने स्कूटी सवार दो युवकों को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के बाद आरोपी चालक कार मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार ग्राम खैरी निवासी बीरू उर्फ वीरेंद्र भूमिया और नरेश भूमिया स्कूटी क्रमांक एमपी-20-जेडजी-3059 से तेवर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर टेंट का सामान छोड़ने गए थे। रात करीब 10 बजे दोनों अपना काम पूरा कर वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही वे कूड़न पेट्रोल पंप के सामने नेशनल हाईवे पर पहुंचे, पीछे से तेज रफ्तार कार क्रमांक एमपी-13-एके-8883 ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार चालक अत्यधिक तेज गति से लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक कई फीट दूर सड़क पर जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही भेड़ाघाट पुलिस और परिजन मौके पर पहुंच गए।
एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम

दुर्घटना में वीरेंद्र भूमिया के सिर में गंभीर चोट लगने और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नरेश भूमिया गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर बेहोश पड़ा था। पुलिस और परिजनों ने उसे तत्काल मेडिकल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे भी मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है। हादसे के बाद आरोपी चालक कार घटनास्थल पर छोड़कर फरार हो गया। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है।
'बस 10 मिनट में सीधे घर पहुंच रहा हूं...' आखिरी बार सुनी बेटे की आवाज

इस हादसे ने एक परिवार से बेटे ही नहीं, बल्कि उम्मीद भी छीन ली। दुर्घटना से कुछ ही मिनट पहले वीरेंद्र ने अपने पिता को फोन कर भरोसा दिलाया था कि वह कहीं नहीं रुकेगा और "बस 10 मिनट में सीधे घर पहुंच रहा हूं..."।

लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। फोन कटने के कुछ ही पलों बाद तेज रफ्तार कार ने दोनों युवकों की जिंदगी छीन ली। अब पिता बार-बार अपने मोबाइल की उसी आखिरी कॉल को देखते हैं, जिसमें बेटे की आवाज हमेशा के लिए याद बनकर रह गई। बेटे के अंतिम शब्द आज भी उनके कानों में गूंज रहे हैं, लेकिन वह कभी घर नहीं लौटेगा।
चार मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

इस दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों को पूरी तरह उजाड़ दिया। मृतक वीरेंद्र भूमिया और नरेश भूमिया दोनों विवाहित थे और दोनों के दो-दो छोटे बच्चे हैं। एक ही हादसे में दो पत्नियों का सुहाग उजड़ गया, जबकि चार मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तेज रफ्तार बनी काल, पुलिस कर रही आरोपी की तलाश

प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह कार की तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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