नरसिंहपुर में छह युवकों की मौत पर उठे सवाल: परिजनों ने सड़क हादसे को बताया सुनियोजित हत्या, निष्पक्ष जांच की

 



नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में हुए भीषण सड़क हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-45) पर सुआतला थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर के पास अज्ञात हाईवा की चपेट में आने से छह युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने इसे महज दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या की आशंका जताई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, सभी युवक हाथीनाला वॉटरफॉल घूमकर लौट रहे थे। वे सड़क किनारे खड़े होकर बातचीत कर रहे थे और फोटो खिंचवा रहे थे, तभी तेज रफ्तार अज्ञात हाईवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया, जबकि दो घायलों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हादसे में कुल छह युवकों की जान चली गई।

घटना के बाद करेली स्थित पोस्टमार्टम गृह में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब मृतक राजेंद्र पटेल के परिजनों ने हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मृतक के भाई प्रेमसिंह पटेल ने दावा किया कि यह सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते की गई सुनियोजित हत्या हो सकती है।

परिजनों का आरोप है कि मृतक युवक कुछ समय पहले क्षेत्र में चल रहे अवैध रेत कारोबार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और इस कारण कुछ लोगों से उनकी रंजिश चल रही थी। उनका कहना है कि इसी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया हो सकता है।

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि हाईवा सड़क से नीचे उतरकर सीधे युवकों की ओर बढ़ा, जिससे घटना को लेकर संदेह और गहरा गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस ने अज्ञात हाईवा और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटना और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप—दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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