ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के हजीरा क्षेत्र में यूको बैंक से महज 200 मीटर दूर हुई ₹2.50 लाख की लूट की सनसनीखेज सूचना ने कुछ ही घंटों में नया मोड़ ले लिया। शुरुआती जांच में यह मामला पूरी तरह फर्जी निकला। पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर लूट की कहानी का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला मंत्री दारा सिंह सेंगर के 22 वर्षीय बेटे कृष्णदीप सिंह सेंगर ने ही लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। कृष्णदीप बैंक में रुपये जमा करने निकला था और उसी ने पुलिस को लूट की सूचना दी।
CCTV से खुली पोल
हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में बाइक सवार से घटना से पहले कृष्णदीप की बातचीत साफ दिखी, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद बाइक सवार के भागने के रास्ते के कैमरे चेक किए गए और पुलिस सीधे ईशान शर्मा तक पहुंच गई।
दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई तो सच्चाई सामने आ गई। ईशान ने कबूल किया कि उसने कृष्णदीप के कहने पर ही टक्कर मारी और रुपये लेकर भागा था। पुलिस ने पूरे ₹2.50 लाख भी बरामद कर लिए हैं।
फीस के पैसे उड़ा दिए, इसलिए रची साजिश
पूछताछ में कृष्णदीप ने बताया कि वह एमिटी यूनिवर्सिटी में बीकॉम तृतीय वर्ष का छात्र है। पिता ने उसे फीस जमा करने के लिए ₹70 हजार दिए थे, जो उसने घूमने-फिरने और खरीदारी में खर्च कर दिए। बाद में कर्ज और ब्याज का दबाव बढ़ने पर उसने खुद को बचाने के लिए लूट की फर्जी कहानी रच दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
इस पूरे मामले में हजीरा पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच ने बड़ी वारदात बनने से पहले ही सच उजागर कर दिया। फिलहाल कृष्णदीप सिंह सेंगर और ईशान शर्मा पुलिस हिरासत में हैं और उनसे आगे की पूछताछ जारी है।
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