जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र के बड़ा पत्थर इलाके में एक 15 वर्षीय स्कूली छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि छात्रा को उसके स्कूल के एक शिक्षक द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
जानकारी के अनुसार छात्रा कक्षा 9वीं की छात्रा थी। उसकी मां छोटे बेटे के साथ बिहार गई हुई थीं, जबकि घर पर पिता और दादी मौजूद थे। रविवार शाम करीब चार बजे छात्रा ग्राउंड जाने की बात कहकर घर से निकली थी। कुछ देर बाद वह वापस लौटी और अपने कमरे में चली गई, जहां उसने सल्फास खा लिया। उल्टी होने पर उसने दादी को जहर खाने की जानकारी दी। परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही रांझी पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा के कमरे व स्कूल बैग की जांच की। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, हालांकि पुलिस ने कुछ कागजात जब्त किए हैं।
मामले की पुष्टि करते हुए रांझी थाने के एसआई मयंक यादव ने बताया कि प्रकरण में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
उधर, छात्रा की दादी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह पिछले 10–12 दिनों से परेशान चल रही थी और ज्यादा कुछ साझा नहीं करती थी। दादी का आरोप है कि जिस स्कूल में छात्रा पढ़ती थी, वहां के एक शिक्षक ने उसके और उसकी सहेलियों के साथ मारपीट की थी। छात्रा पिछले दो दिनों से इसी बात को दोहरा रही थी। दादी ने उसे भरोसा दिलाया था कि मंगलवार को स्कूल जाकर इस संबंध में बातचीत की जाएगी।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट
