लटकती हुई तोंद से ज्यादा खतरनाक है पेट के अंदर की चर्बी, अधिकतर लोग बाहरी फैट को ही मानते हैं दुश्मन



आज के समय में अधिकतर लोग जान चुके हैं कि निकली हुई तोंद केवल पर्सनालिटी बिगाड़ने का काम नहीं करती है, बल्कि कई सारी बीमारियों की जड़ भी बनती जा रही है। लेकिन उन्हें पेट के अंदर जमा होने वाली चर्बी के बारे में जानकारी नहीं है, जिसे डॉक्टर ने बाहर वाले फैट से भी ज्यादा खतरनाक बताया है।
फोर्टिस हॉस्पिटल शालीमार बाग, डायरेक्टर रोबोटिक, बैरिएट्रिक, लैप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जरी विभाग डॉ. पंकज शर्मा व रोहिणी स्तिथ शल्य क्लिनिक के संस्थापक के अनुसार, 'पेट की अंदरूनी चर्बी सीधे हमारे महत्वपूर्ण अंगों पर असर करती है और धीरे-धीरे शरीर को बीमारियों की तरफ धकेल देती है।' पेट के अंदर जमा होने वाली चर्बी को विसरल फैट कहा जाता है, जो त्वचा के नीचे दिखने वाली चर्बी से कहीं ज्यादा खतरनाक होती है।
विसरल फैट लिवर, पैंक्रियाज और आंतों के आसपास जमा होता है। हार्मोन और सूजन पैदा करने वाले केमिकल्स इसी चर्बी से रिलीज होते हैं, जिससे शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। इसी वजह से पेट की चर्बी वाले लोगों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, फैटी लिवर और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।


कई बार मरीज का वजन बहुत ज्यादा नहीं होता, लेकिन पेट की अंदरुनी चर्बी ज्यादा होने के कारण उसका मेटाबॉलिक रिस्क काफी ऊंचा होता है।' यही वजह है कि केवल वजन नहीं, बल्कि कमर का साइज भी सेहत का जरूरी पैरामीटर माना जाता है।


पेट की चर्बी कम करने के लिए डाइट और एक्सरसाइज जरूरी हैं, लेकिन हर व्यक्ति में इसकी मात्रा पर्याप्त नहीं होती। हार्मोनल असंतुलन, उम्र, जेनेटिक्स और लंबे समय से चली आ रही मोटापे की समस्या के कारण कई लोगों में पेट की चर्बी बहुत जिद्दी हो जाती है। ऐसे मामलों में सिर्फ जिम या डाइट पर निर्भर रहने से मर्जी के रिजल्ट नहीं मिल पाते।

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