जबलपुर। वर्षों से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ अब बिजली कंपनी ने सख्त रुख अपना लिया है। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सिटी सर्किल में बकायादारों पर वसूली का दबाव इतना बढ़ गया है कि मुख्य अभियंता को खुद टीम के साथ मैदान में उतरकर छापेमारी करनी पड़ रही है। इस कार्रवाई के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
गुरुवार देर रात मुख्य अभियंता एस.के. गिरिया के नेतृत्व में जांच टीम ने गोराबाजार और बिलहरी क्षेत्र में उन घरों और प्रतिष्ठानों पर दबिश दी, जिनके बिजली कनेक्शन वर्षों पहले काटे जा चुके थे, लेकिन बकाया बिल अब तक जमा नहीं हुआ था। टीम यह जानने निकली थी कि आखिर इतने लंबे समय से बिना बिजली के लोग कैसे रह रहे हैं।
जांच के दौरान गोराबाजार के भोंगाद्वार स्थित गणेश प्रसाद के घर पहुंचते ही पूरा मामला साफ हो गया। बिजली कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2022 में करीब 96 हजार रुपये बकाया होने के चलते उनका कनेक्शन काट दिया गया था, लेकिन मौके पर घर में बिजली जलती मिली। जांच में सामने आया कि घर में अवैध रूप से बिजली चोरी कर उपयोग किया जा रहा था।
इसी तरह टीम ने बिलहरी के चेतना मैदान क्षेत्र में भी छापेमारी की। यहां एक मकान का कनेक्शन करीब छह साल पहले बकाया बिल के चलते काट दिया गया था, लेकिन मौके पर घर सीधे विद्युत पोल से जुड़कर रोशन होता मिला। इस मकान पर करीब 1 लाख 35 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया बताया गया है।
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बकायादारों व बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लगातार बढ़ रही चोरी और बकाया वसूली को लेकर अब विभाग पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है।
