युवक की संदिग्ध मौत मामले में पूर्व तहसीलदार को नहीं मिली राहत, जमानत याचिका पर सुनवाई आगे बढ़ी

 

निसर्ग रिसॉर्ट मौत मामला: पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी की जमानत पर फैसला टला, फिलहाल जेल में ही रहेंगे

जबलपुर। निसर्ग रिसॉर्ट में हुई एक युवक की संदिग्ध मौत के बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार पूर्व तहसीलदार एवं होटल व्यवसायी विवेक त्रिपाठी को फिलहाल राहत नहीं मिली है। जबलपुर जिला न्यायालय में उनकी जमानत याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अंतिम निर्णय को आगामी तारीख तक के लिए टाल दिया। इसके साथ ही विवेक त्रिपाठी को न्यायिक हिरासत में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।

यह मामला शुरुआत से ही प्रशासनिक और कारोबारी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस ने गहन जांच करते हुए पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही उनकी ओर से जमानत के लिए कानूनी प्रयास किए जा रहे हैं।



अदालत में चली कानूनी बहस, अभियोजन ने मांगा समय

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को बताया कि मामले की जांच अभी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जारी है। पुलिस द्वारा तैयार की गई केस डायरी में कई अहम तथ्य शामिल हैं, जिनका न्यायालय के समक्ष विस्तृत परीक्षण आवश्यक है। इसके अलावा घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाने शेष हैं।

अभियोजन ने अदालत से अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया, ताकि जांच से जुड़े सभी दस्तावेज और साक्ष्य व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किए जा सकें। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपी को जमानत दिए जाने की मांग रखते हुए अपने तर्क पेश किए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने टाला फैसला

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि प्रकरण संवेदनशील और गंभीर प्रकृति का है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और पुलिस डायरी का गहन अवलोकन किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इसी कारण जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय को आगामी सुनवाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

जांच के घेरे में घटना का हर पहलू

पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां निसर्ग रिसॉर्ट में हुई घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। मृतक के परिजनों के बयान, रिसॉर्ट में मौजूद लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

फिलहाल अदालत के इस फैसले के बाद पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी की जेल से रिहाई की उम्मीदों को झटका लगा है। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां जमानत याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सामने आ सकता है।

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