जबलपुर। शहर के लार्डगंज थाना क्षेत्र स्थित उजार पुरवा में शुक्रवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। खेलते-खेलते साइकिल चला रहे दो मासूम अचानक घर के बाहर लगे टिन शेड में उतरे करंट की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में 8 वर्षीय रौनक केवट की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी रिहान केवट गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
सबसे मार्मिक बात यह है कि रौनक का जन्मदिन महज दो दिन बाद आने वाला था। परिवार जन्मदिन की तैयारियों में जुटा था, लेकिन एक पल में खुशियां मातम में बदल गईं। बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल पसरा हुआ है।
साइकिल चलाते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रौनक और रिहान घर के बाहर साइकिल चला रहे थे। इसी दौरान दोनों बच्चे अनजाने में उस टिन शेड के संपर्क में आ गए, जिसमें बिजली का करंट उतर आया था। करंट का झटका इतना तेज था कि दोनों बच्चे दूर जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक रौनक की सांसें थम चुकी थीं।
घटना की सूचना मिलते ही लार्डगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल रिहान को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह हादसा बिजली व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का परिणाम है। यदि समय रहते खुले तारों अथवा विद्युत उपकरणों की जांच की जाती, तो शायद एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद क्षेत्रवासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा गया।
जांच में जुटी पुलिस, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी खुले विद्युत तार, लीकेज या शॉर्ट सर्किट के कारण टिन शेड में करंट उतर आया था। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच और रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में पसरा मातम, लोगों से बरतने की अपील
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे उजार पुरवा में शोक की लहर है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास लगे बिजली के तारों, मीटरों और लोहे के ढांचों की नियमित जांच कराएं तथा किसी भी प्रकार की विद्युत खराबी दिखाई देने पर तुरंत बिजली विभाग को सूचना दें, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
