10 साल का इंतजार खत्म! MP सरकार ने सभी विभागों में प्रमोशन प्रक्रिया तेज की

 


भोपाल. मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद बड़ी और बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आ रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत शासकीय सेवकों की पदोन्नति (Promotions) की प्रक्रिया को गति देते हुए इसे 20 जुलाई 2026 तक पूरा करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।


20 जुलाई से ही मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र (Monsoon Session) शुरू होने जा रहा है, और सरकार इससे पहले इस बड़ी कवायद को अंजाम देना चाहती है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के माध्यम से सभी विभागों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकें तुरंत आयोजित करें और समय सीमा के भीतर पदोन्नति के अंतिम आदेश जारी कर दें।

हाई कोर्ट के फैसले से पहले प्रक्रिया पूरी करने की रणनीति

पदोन्नति में आ रही इस तेजी के पीछे सरकार की एक सोची-समझी कानूनी व प्रशासनिक रणनीति है:

  • नियम 2025 का मामला: सरकार चाहती है कि हाई कोर्ट में 'पदोन्नति नियम 2025' को लेकर कोई भी अंतिम निर्णय या स्टे (Stay) आने से पहले ही योग्य कर्मचारियों को प्रमोट करने की पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से संपन्न कर लिया जाए।

  • CMO ने मांगी रिपोर्ट: मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस मामले में सीधे दिलचस्पी दिखाई है। सामान्य प्रशासन विभाग से 1 जुलाई 2026 से लेकर अब तक विभिन्न विभागों में की गई सभी पदोन्नतियों की एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।

विधानसभा सचिवालय में बड़ी संख्या में हुए प्रमोशन

इस अभियान के तहत विधानसभा सचिवालय में प्रमोशन की लिस्ट भी जारी कर दी गई है। सचिवालय में विभिन्न श्रेणियों के कुल 182 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

  • प्रथम श्रेणी (Class 1): 15 अधिकारी

  • द्वितीय श्रेणी (Class 2): 40 अधिकारी

  • तृतीय श्रेणी (Class 3): 93 कर्मचारी

  • चतुर्थ श्रेणी (Class 4): 34 कर्मचारी

पदोन्नति मिलने के बाद इन सभी कर्मचारियों ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर उनके प्रति आभार जताया और उनका सम्मान किया।

10 साल का सूखा खत्म, 1 लाख कर्मचारी बिना प्रमोशन के हुए रिटायर

मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए यह पल बेहद भावुक और ऐतिहासिक है। दरअसल, मध्य प्रदेश लोकसेवा (पदोन्नति) नियम 2002 को हाई कोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के बाद से प्रदेश में प्रमोशन पर पिछले लगभग 10 वर्षों से रोक लगी हुई थी।

इस एक दशक लंबे इंतजार और कानूनी पेचीदगियों के कारण प्रदेश के लगभग 1 लाख से अधिक कर्मचारी अपने जीवनकाल में बिना किसी पदोन्नति का लाभ पाए ही सेवा से निवृत्त (Retire) हो गए। अब नई नीति के तहत सरकार इस गतिरोध को पूरी तरह खत्म कर कर्मचारियों को उनका हक देने जा रही है।

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