जबलपुर: विक्टोरिया अस्पताल में अटैचमेंट खत्म, 50 से अधिक नर्सिंग ऑफिसर्स की मूल संस्थानों में वापसी



जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी ने एक नया आदेश जारी किया है, जिससे पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इस आदेश के तहत लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अटैचमेंट पर मजे से काम कर रही 50 से अधिक नर्सिंग ऑफिसर्स का अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।


मरीजों की शिकायतों और निरीक्षण के बाद हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, कई नर्सिंग ऑफिसर्स पिछले लंबे समय से अपने मूल कार्यस्थलों (अस्पतालों) पर ड्यूटी देने के बजाय कार्यालयों में अटैच थीं। इसके चलते जिला अस्पताल सहित कई प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी बनी हुई थी। इसका सीधा और नकारात्मक असर दूर-दूर से इलाज के लिए आने वाले आम मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा था।

हाल ही में सीएमएचओ और कलेक्टर के पास मरीजों की लगातार गंभीर शिकायतें पहुंच रही थीं। इसके बाद कलेक्टर ने सीएमएचओ से पूरी सूची तलब कर इसकी व्यक्तिगत समीक्षा की थी। साथ ही, भोपाल से आए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान भी मैदानी स्तर पर नर्सिंग स्टाफ की कमी पर गहरी नाराजगी जताई गई थी, जिसके बाद यह प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई गई है।
विक्टोरिया अस्पताल को मिलेगी सबसे बड़ी राहत

जारी किए गए इस नवीन आदेश के तहत सबसे बड़ा फायदा जिला अस्पताल यानी विक्टोरिया अस्पताल को मिला है। अकेले विक्टोरिया अस्पताल में 30 नर्सिंग ऑफिसर्स की सीधी वापसी सुनिश्चित की गई है। इनके वापस लौटने से जिला अस्पताल में लंबे समय से महसूस की जा रही स्टाफ की कमी दूर होगी और मरीजों को उपचार मिलने में बड़ी सुविधा होगी। अटैचमेंट खत्म होने से अब ग्रामीण और शहरी इलाकों के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी चिकित्सा व्यवस्था मजबूत होगी।

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