भोपाल डबल मर्डर मिस्ट्री सुलझी: रिटायर्ड रेल कर्मचारी दंपति की हत्या प्रॉपर्टी के लिए, ब्रोकर समेत तीन गिरफ्तार

 



भोपाल। राजधानी भोपाल के चर्चित डबल मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करीब 22 दिन पहले रिटायर्ड रेल कर्मचारी हेमंत बारीक और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की हुई हत्या के मामले में ऐशबाग थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश कथित तौर पर प्रॉपर्टी विवाद को लेकर रची गई थी।
प्रॉपर्टी बेचने की तैयारी बनी हत्या की वजह

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार बुजुर्ग दंपति अपनी संपत्ति बेचने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक प्रॉपर्टी ब्रोकर ने धोखे से दानपत्र (गिफ्ट डीड) तैयार करवा लिया। आरोप है कि ब्रोकर श्रीकांत, उसके भाई शशिकांत और अन्य सहयोगियों ने मिलकर दंपति की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एक करीबी महिला रिश्तेदार की कथित भूमिका इस साजिश में क्या रही।

पुलिस ने संकेत दिए हैं कि शाम को आयोजित प्रेस वार्ता में पूरे घटनाक्रम, आरोपियों की भूमिका और हत्या के पीछे की साजिश का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज से खुली जांच की कड़ी

जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिले थे। इनमें दो संदिग्ध रेनकोट पहने और हाथों में ग्लव्स लगाए हुए दिखाई दिए थे। उनकी पहचान के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें जारी करते हुए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।
डिजिटल पेमेंट ने पहुंचाया आरोपियों तक

पुलिस को एक शराब दुकान के सीसीटीवी फुटेज में भी संदिग्ध हुलिए का एक युवक दिखाई दिया, जो शराब खरीद रहा था। जांच में पता चला कि उसने भुगतान डिजिटल माध्यम से किया था। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला और संदिग्ध की पहचान होने के बाद लगातार दबिश देकर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
22 दिन पहले हुई थी सनसनीखेज वारदात

गौरतलब है कि 24 जून की रात भोपाल के सुदामा नगर स्थित अंबेडकर नगर में रिटायर्ड रेल कर्मचारी हेमंत बारीक और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटनास्थल से पुलिस को तीन कारतूस भी मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।

अब तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था तथा प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों में किस स्तर पर हेरफेर की गई।

Post a Comment

Previous Post Next Post