सतना। सतना शहर की जर्जर मूलभूत सुविधाओं और नगर निगम प्रशासन की कथित उदासीनता के विरोध में ‘विन्ध्य चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज ने मोर्चा खोल दिया है। चेम्बर ने व्यापारियों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को नगर निगम कार्यालय का घेराव करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरा नगर निगम परिसर छावनी में तब्दील रहा। भीड़ को देखते हुए परिसर में बैरिकेड्स लगाए गए थे।
शहर की समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे व्यापारी थोड़ी देर के लिए उग्र हो गये। बैरिकेड्स को तोड़ते हुए नगर निगम के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गये और नगर निगम कमिश्नर से मिलने की मांग पर अड़े रहे। लेकिन कमिश्नर ने मिलने से इंकार कर दिया। इसके बाद व्यापारियों ने कमिश्नर हटाओ शहर बचाओ के नारे लगाना शुरू कर दिया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यह उनके क्रमिक आंदोलन का पहला चरण है। यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
व्यापारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख और बाजार क्षेत्रों की सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। खराब रेस्टोरेशन के कारण सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। व्यापारियों ने बताया कि हाल ही में प्रकाश सीरवानी गंभीर रूप से घायल हो गए और पिछले 11 दिनों से जबलपुर में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। मानसून से पहले नालियों की सही तरीके से सफाई नहीं की गई, जिसके कारण बारिश का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है।
वार्डों में चल रहा नाली कवरिंग का कार्य बिना किसी सही लाइन, लेंथ या लेवल के किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। चेंबर अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने कहा कि शहर के कई हिस्सों में गंदे और मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे महामारी फैलने की आशंका है। जांच में पाया गया है कि पानी को साफ करने के लिए ऐलम (फिटकरी) और क्लोरीन की डोजिंग मानक स्तर से काफी ज्यादा दी जा रही है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
