जबलपुर। शहर के टेलीकॉम फैक्ट्री परिसर स्थित करीब 70 एकड़ में फैले अर्बन फॉरेस्ट में कथित तौर पर पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। इस संबंध में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने जिला प्रशासन और नगर निगम से शिकायत करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मंच के सदस्य डॉ. पी.जी. नाजपांडे और एडवोकेट प्रभात यादव ने बताया कि शनिवार दोपहर लगभग 2 बजे निरीक्षण के दौरान टेलीकॉम फैक्ट्री परिसर के अंदर कई पेड़ कटे हुए दिखाई दिए। इसे गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने तत्काल कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेजी।
70 एकड़ का ग्रीन जोन, पहले भी हुए आंदोलन
शिकायत में कहा गया है कि टेलीकॉम फैक्ट्री परिसर का यह अर्बन फॉरेस्ट शहर के सबसे महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों में शामिल है। इस ग्रीन जोन के संरक्षण को लेकर पूर्व में कई बार सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा आंदोलन भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद यदि बिना अनुमति पेड़ों की कटाई की गई है, तो यह पर्यावरण संरक्षण के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
पेड़ों की गणना और जांच की मांग
मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कथित अवैध कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूरे क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए तथा वहां मौजूद पेड़ों की वैज्ञानिक गणना कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का कहना है कि अर्बन फॉरेस्ट शहर के लिए "ग्रीन लंग्स" (हरित फेफड़े) की तरह है और इसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
