नाले के भीतर से गुजर रही है पेयजल पाइपलाइन
स्थानीय नागरिक विजय नायडू, पूरन लाल कोष्ठा और भास्कर पांडे ने बताया कि पेयजल की मुख्य पाइपलाइन नाले के अंदर से होकर गुजरती है। उनका आरोप है कि पाइपलाइन में रिसाव होने से नाले का दूषित पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है। बुधवार सुबह पानी की सप्लाई के दौरान नलों से काला और बदबूदार पानी निकलने पर लोगों की चिंता और बढ़ गई।
निवासियों का कहना है कि पानी में इतनी तेज दुर्गंध थी कि उसका उपयोग करना तो दूर, उसके पास खड़ा होना भी मुश्किल था। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपनी पानी की टंकियां और वाटर फिल्टर बंद कर दिए हैं, क्योंकि पूरे सिस्टम में दूषित पानी पहुंच चुका है। अब लोगों को टंकियों और फिल्टर की सफाई पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
दर्जनों लोगों के बीमार होने का दावा
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में कई लोग पेट दर्द, उल्टी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हैं। शुरुआत में बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं था, लेकिन नलों से निकले दूषित पानी के बाद लोगों का मानना है कि इसकी वजह दूषित पेयजल है।
हालांकि, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है कि बीमारियों का कारण दूषित पानी ही है।
निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि पेयजल पाइपलाइन का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और यदि पाइपलाइन में रिसाव है तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए। साथ ही नाले के भीतर से गुजर रही पाइपलाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की भी मांग उठाई गई है।
लोगों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने तथा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की अपील की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग से भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और संभावित जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
