सिवनी। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लोकायुक्त पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशन में जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने सिवनी जिले में ग्राम रोजगार सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
लोकायुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक अब्दुल वाहिद पिता मामूद खान, निवासी ग्राम साले कुसमी, थाना बरघाट, जिला सिवनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी सबीना बी के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास की सूची में नाम जोड़ने और 1 लाख 50 हजार रुपये की आवास राशि का आवंटन शीघ्र कराने के एवज में ग्राम रोजगार सहायक द्वारा 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 22 जनवरी को ट्रैप योजना बनाई। तय योजना के अनुसार आरोपी ओमेंद्र कुमार पारधी, पिता गजराज पारधी, ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत साले कुसमी, तहसील बरघाट, जिला सिवनी को उसके निजी निवास पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। ट्रैप के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में दल प्रभारी डीएसपी नीति त्रिपाठी, ट्रैपकर्ता राशि मर्सकोले, निरीक्षक दुर्गेश सिंह नरेश्वर सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।
लोकायुक्त पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
