जबलपुर। शहर के सर्वोदय हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला मरीज की ऑपरेशन के बाद मंगलवार–बुधवार की दरम्यानी रात करीब एक बजे मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ते देख मौके पर पुलिस को भी बुलाना पड़ा।
उदय नगर रांझी निवासी परिजनों के मुताबिक 44 वर्षीय रानू यादव को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए सर्वोदय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार दोपहर ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद रानू को कथित तौर पर क्रिटिकल कंडीशन में वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले रानू पूरी तरह स्वस्थ थीं, लेकिन वेंटिलेटर पर रखने के बाद डॉक्टर मरीज को स्टाफ के भरोसे छोड़कर चले गए। परिजनों का दावा है कि लगभग छह घंटे तक कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। इस दौरान जब परिजनों ने बार-बार शिकायत की कि मरीज कोई रिस्पॉन्स नहीं दे रही है, तब मौके पर मौजूद नर्सों ने सीपीआर देना शुरू किया।
हंगामे की स्थिति बनने पर पुलिस मौके पर पहुंची, इसके बावजूद भी डॉक्टरों के न आने का आरोप परिजनों ने लगाया। काफी देर बाद अस्पताल के संचालक मौके पर पहुंचे और परिजनों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ ने मरीज की वास्तविक स्थिति को लेकर गोलमोल बातें कीं।
आखिरकार देर रात अस्पताल प्रबंधन ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों का गुस्सा और भड़क उठा। परिजनों ने ओमती थाने पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है। परिजन लापरवाही के बिंदुओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
