बिजली उत्पादन में रिकॉर्ड और भरोसा, गणतंत्र दिवस पर एमपी के पावर हाउस सम्मानित



जबलपुर |मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के ताप एवं जल विद्युत गृहों के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृह वार्षिक पुरस्कार’ की घोषणा कर दी है। कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह द्वारा 26 जनवरी को ये सम्मान प्रदान किए जाएंगे। इन पुरस्कारों का उद्देश्य बिजली घरों में कार्यरत कार्मिकों को प्रोत्साहित करना, उत्कृष्ट कार्य-संस्कृति को पहचान देना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को सुदृढ़ करना है।


उपलब्धियों का लेखा-जोखा

🔹 चचाई का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की 210 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-4 ने तकनीकी अनुशासन की मिसाल पेश की है। इस यूनिट ने 482 दिनों तक निरंतर विद्युत उत्पादन कर प्रदेश के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

🔹 सारनी का दबदबा
समग्र प्रदर्शन, उत्कृष्ट परिसर प्रबंधन और दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता बनाए रखने के लिए सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी को ‘सर्वश्रेष्ठ कॉम्प्लेक्स’ चुना गया है।

🔹 बिरसिंगपुर और झिन्ना की कुशलता
संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता वाली तीसरी यूनिट को उसके कुशल संचालन के लिए सम्मानित किया जा रहा है। वहीं झिन्ना जल विद्युत गृह (बाणसागर) को पर्यावरण-संवेदनशील और विश्वसनीय जल विद्युत उत्पादन के लिए पुरस्कार मिलेगा।

🔹 सिंगाजी थर्मल पावर की सुरक्षा
खंडवा स्थित श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, खंडवा के अग्निशमन दल को संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता के लिए विशेष सम्मान से नवाज़ा जाएगा।

कुल मिलाकर, एमपीपीजीसीएल की यह पहल प्रदेश के विद्युत उत्पादन तंत्र में उत्कृष्टता, सुरक्षा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को नई ऊर्जा देने का काम करेगी—और कर्मियों के समर्पण को राष्ट्रीय पर्व पर सम्मानित करेगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post