शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से सरकारी खरीद व्यवस्था की पोल खोलने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां खोहरी–खन्नौधी स्थित सिंह वेयर हाउस में धान की बोरियों में अनाज की जगह ईंट और पत्थर निकलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। यह घटना न केवल वेयरहाउस प्रबंधन, बल्कि धान उपार्जन से जुड़े पूरे आपूर्ति तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
जानकारी के अनुसार, सिंह वेयर हाउस में धान की एक बड़ी खेप जमा होने पहुंची थी। ये बोरियां कुआं/अंकुरी स्थित अनुसुइया स्व-सहायता समूह के टैग के साथ भेजी गई थीं। नियमानुसार जब गोदाम सर्वेयर ने बोरियों की जांच शुरू की, तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। कई बोरियों में धान की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई, वहीं अनाज के बीच बड़े-बड़े पत्थर और ईंट के टुकड़े भरे मिले।
सिर्फ मिलावट ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता मानकों की भी खुलेआम अनदेखी सामने आई। जांच में धान की नमी 16.5 प्रतिशत से अधिक पाई गई, जबकि तय मानक इससे कम है। सानू ट्रांसपोर्ट के दो वाहनों से लाई गई करीब 1600 बोरियों में यह गड़बड़ी पाई गई। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले भी 53 बोरियों की एक खेप में पत्थर निकलने पर उसे गोदाम में रखने से मना कर दिया गया था।
पूरा मामला धान उपार्जन में नागरिक आपूर्ति निगम की गंभीर लापरवाही और संभावित मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। सूचना मिलते ही मौके पर पंचनामा तैयार किया गया। जिला आपूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित कर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
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