जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर जबलपुर के ऐतिहासिक सिटी बंगाली क्लब में भव्य और भावनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान नेताजी की 8 फीट ऊँची प्रतिमा का अनावरण किया गया, वहीं ऐतिहासिक धरोहरों और स्मृतियों को संजोते हुए ‘अमृत कलश’ की स्थापना भी की गई।
नेताजी ने आज़ादी की लड़ाई को दिया नया आयाम: जेपी नड्डा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संबोधन की शुरुआत बसंत पंचमी और नेताजी जयंती की शुभकामनाओं के साथ की। उन्होंने कहा कि जबलपुर की पावन धरती और सिटी बंगाली क्लब में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। नड्डा ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस अदम्य साहस और त्याग की प्रतिमूर्ति थे, जिन्होंने आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित सेवा की सुख-सुविधाएँ छोड़कर देश की आज़ादी का कठिन मार्ग चुना।
उन्होंने कहा कि यदि नेताजी जीवित होते तो आज देश का नक्शा कुछ और ही होता। नड्डा ने अपने भाषण में स्वामी विवेकानंद और श्यामाप्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को भी याद किया।
बंगाल को कुशासन से मुक्ति दिलाने का आह्वान
बंगाली समाज को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जो बंगाल कभी देश को दिशा देता था, आज वह लाचारी की स्थिति में है। नड्डा ने आरोप लगाया कि आज बंगाली समाज, बंगाल की तुलना में मध्य प्रदेश में स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने जबलपुर से संदेश देते हुए कहा कि बंगाल को कुशासन से मुक्त कर मुख्यधारा से जोड़ना हम सबका संकल्प होना चाहिए। साथ ही, शांति निकेतन और दुर्गा पूजा को यूनेस्को की सूची में शामिल कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की।
नेताजी की धरती और बंगाल के नायकों का गौरव: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर की धरती को यह सौभाग्य प्राप्त है कि यहाँ नेताजी जैसे महापुरुष का आगमन हुआ था। उन्होंने बताया कि नेताजी स्वयं सिटी बंगाली क्लब में पधारे थे, जिससे इस संस्थान की ख्याति देशभर में फैली।
मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए 100 वर्षों के रिकॉर्ड को अमृत कलश के रूप में धरती में स्थापित किए जाने को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने नेताजी की 8 फीट ऊँची प्रतिमा के अनावरण को गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल के नायकों के अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया।
शिक्षा, राष्ट्रवाद और धारा 370 का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने सिटी बंगाली क्लब की शैक्षणिक सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि 95 वर्ष पूर्व बालिका शिक्षा की शुरुआत करने वाला यह संस्थान अब विश्वविद्यालय स्थापित करे, सरकार पूरी मजबूती से साथ खड़ी रहेगी।
अपने संबोधन में उन्होंने कश्मीर मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि आज़ादी के बाद हुई ऐतिहासिक भूल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 हटाकर सुधारा। मुख्यमंत्री ने श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करते हुए कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के संघर्ष को रेखांकित किया।
