जबलपुर। गोसलपुर रेलवे स्टेशन के पास हुए एक दर्दनाक ट्रेन हादसे में 55 वर्षीय यात्री की मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मृतक का सिर और धड़ अलग-अलग हालत में रेलवे ट्रैक पर मिले। तीन दिन तक पहचान नहीं हो पाने के कारण जीआरपी ने नियमानुसार शव को दफना दिया था। सोमवार को परिजनों के सामने आने के बाद मृतक की शिनाख्त हो सकी।
मृतक की पहचान नर्मदापुरम जिले की माखन नगर तहसील अंतर्गत बिकोरी पंवासा गांव निवासी सुशील दुबे (55) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वे अपनी बेटी के तबादले की खुशी में माता शारदा देवी मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे।
16 जनवरी को मिला था क्षत-विक्षत शव
जीआरपी के मुताबिक 16 जनवरी को गोसलपुर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। शव की हालत बेहद खराब होने के कारण तत्काल पहचान संभव नहीं हो सकी। पुलिस ने शव की तस्वीरें लेकर आसपास के थानों और माध्यमों से पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन दो–तीन दिन तक कोई सुराग नहीं मिला।
नियमानुसार दफनाया गया था शव
जीआरपी प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव को मेडिकल कॉलेज में एक दिन तक सुरक्षित रखा गया। पहचान न होने पर नियमानुसार शव को दफना दिया गया। सोमवार को परिजनों द्वारा पहचान किए जाने के बाद शव को पुनः निकलवाकर परिजनों को सौंपा गया।
जेब में मिली टिकट से खुला राज
पुलिस को मृतक की जेब से सोहागपुर से नरसिंहपुर तक की रेलवे टिकट मिली थी। इसी कड़ी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। परिजन थाने पहुंचे और शव की पहचान सुशील दुबे के रूप में की।
बेटी के तबादले की खुशी में निकले थे
परिजन दुर्गेश भट्ट ने बताया कि सुशील दुबे की बेटी भारतीय डाक विभाग के अंतर्गत नरसिंहपुर पोस्ट ऑफिस में पदस्थ थी, जिसका हाल ही में बाबई तबादला हुआ था। इस खबर से वे बेहद खुश थे। बेटी से मिलने और मैहर दर्शन की बात कहकर वे घर से रवाना हुए थे।
झपकी या संतुलन बिगड़ने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि सुशील दुबे ट्रेन के गेट के पास खड़े होंगे या झपकी आने से उनका संतुलन बिगड़ गया होगा, जिससे वे चलती ट्रेन से नीचे गिर पड़े और यह हादसा हो गया।
