एलपीजी आपूर्ति पर संकट के संकेत, सिलेंडर में गैस मात्रा घटाने की तैयारी!



नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात के बीच देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता गहराती जा रही है। इस संभावित संकट से निपटने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियां बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम एलपीजी ही भरकर आपूर्ति की जा सकती है।

इस प्रस्ताव का उद्देश्य सीमित गैस भंडार को अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाना बताया जा रहा है। उद्योग से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में आपूर्ति संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक हो सकता है।

अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो सिलेंडरों पर नई मात्रा दर्शाने वाले स्टिकर लगाए जाएंगे और उपभोक्ताओं को कीमत में भी अनुपातिक राहत दी जाएगी। हालांकि, इस बदलाव के लिए बॉटलिंग प्लांट्स में तकनीकी संशोधन और नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।

दरअसल, खाड़ी देशों से एलपीजी आपूर्ति पहले ही प्रभावित हो चुकी है। हाल ही में हिंद महासागर क्षेत्र में बहुत कम मात्रा में गैस भारत पहुंची, जो देश की केवल एक दिन की जरूरत के बराबर थी। वहीं, कमर्शियल सेक्टर में आपूर्ति आंशिक रूप से बहाल होने के बावजूद दबाव लगातार बढ़ रहा है।

फिलहाल सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति दी जा रही है, लेकिन गैस बचत को लेकर अपील भी की गई है। देश में रोजाना करीब 93,500 टन एलपीजी की खपत होती है, जिसमें से लगभग 86 प्रतिशत घरेलू उपयोग में आता है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसमें खाड़ी देशों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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