हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन गंगा सप्तमी मनाई जाती है। इस वर्ष यह पावन पर्व 23 अप्रैल को मनाया जा रहा है। धर्म ग्रथों के अनुसार, गंगा सप्तमी के दिन मां गंगा की साधना करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
कब है? गंगा सप्तमी
वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 22 अप्रैल को रात 10 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी और 23 अप्रैल को रात 8 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस साल गंगा सप्तमी 23 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।
क्या गंगा स्नान से मिट जाते हैं पाप?
धर्म शास्त्रों के अनुसार गंगा का जल पवित्र और पूजनीय है। इसमें स्नान करने से व्यक्ति का तन ही नहीं, बल्कि मन और आत्मा भी शुद्ध होती है। अगर कोई व्यक्ति अपने कर्मों का पश्चाताप करने के लिए गंगा में स्नान करता है तो उसे सच्चे मन से मां गंगा की उपासना करनी चाहिए. तभी पाप मिटते हैं और मां गंगा आशीर्वाद देती है।
लेकिन पापों से मुक्ति तभी संभव है जब गंगा स्नान के समय भविष्य में गलत काम न करने का संकल्प लिया जाए. क्योंकि केवल औपचारिकता से गंगा स्नान को फल नहीं मिलता है।
सिर्फ गंगा स्नान नहीं, बल्कि ये भी है जरूरी
अगर आपको लगता है कि केवल गंगा स्नान से ही सभी पाप मिट जाएंगे तो ऐसा नहीं है। शास्त्रों के अनुसार, व्यक्ति को जानबूझकर कोई पाप नहीं करना चाहिए। यदि अनजाने में गलती हो जाए तो उसका पश्चाताप अवश्य करना चाहिए. साथ ही यह भी संकल्प लेना चाहिए कि भविष्य में कभी कोई पाप या गलत कार्य न हो. तभी गंगा स्नान का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
गंगा सप्तमी के दिन करें ये उपाय
आर्थिक लाभ के लिए उपाय
यदि आपको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो गंगा सप्तमी के दिन एक पीतल के लोटे में गंगाजल भरकर उसे उत्तर दिशा में रखें। इस लोटे में थोड़ा सा सिक्का और एक पीली कौड़ी भी डाल दें। ऐसा करने से धन आगमन के रास्ते खुल सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
