जबलपुर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित बर्न कंपनी मैदान में आयोजित कमर्शियल इवेंट “हंगामा फेस्ट” उस वक्त अचानक थम गया, जब पुलिस ने मौके पर दबिश देकर कार्यक्रम को बीच में ही रुकवा दिया। कार्रवाई का कारण ध्वनि प्रदूषण और तय समय सीमा के उल्लंघन को बताया गया है, जिससे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटनाक्रम का दिलचस्प पहलू यह रहा कि पुलिस की यह कार्रवाई विभाग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी के कार्यक्रम स्थल से रवाना होने के तुरंत बाद हुई, जिससे पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
अधिकारी के जाते ही बदला माहौल
जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने अपना गायन प्रदर्शन समाप्त किया और वहां से रवाना हो गए। उनके जाने के कुछ ही देर बाद सिविल लाइन पुलिस टीम ने अचानक मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी से आयोजन स्थल पर हड़कंप मच गया।
जांच में सामने आया कि आयोजकों के पास निर्धारित समय के बाद डीजे और लाउडस्पीकर चलाने की वैध अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद देर रात तक तेज ध्वनि में संगीत बजाया जा रहा था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन था।
एसडीएम के आदेशों की अनदेखी
प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ कि इस आयोजन का जिम्मा सनी उर्फ कुलविंदर सिंह दुग्गल के पास था। प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि रात 10 बजे के बाद डीजे संचालन की अनुमति नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम जारी रखा गया।
इस पर पुलिस ने इसे एसडीएम रांझी के आदेशों की अवहेलना मानते हुए सख्त कार्रवाई की। मुख्य आयोजक कुलविंदर सिंह दुग्गल और डीजे संचालक सोनू विपिन रोहितास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
भारी मात्रा में साउंड सिस्टम जब्त
थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 4 साउंड बॉक्स, मिक्सर मशीन, एम्प्लीफायर, मॉनिटर बॉक्स और बड़ी मात्रा में वायरिंग जब्त की है। सभी उपकरणों को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई की गई।
बताया जा रहा है कि स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और आयोजन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
