CM हेल्पलाइन को बनाया उगाही का हथियार: खुद को पत्रकार बताकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में सीएम हेल्पलाइन के दुरुपयोग और पत्रकारिता की आड़ में कथित ब्लैकमेलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिंगोड़ी पुलिस ने ऐसे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पत्रकार बताकर सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों को झूठी शिकायतों के जरिए निशाना बनाते थे। आरोप है कि यह गिरोह सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी शिकायतें दर्ज कराकर संबंधित लोगों पर दबाव बनाता था और शिकायत वापस लेने अथवा खबर न चलाने के नाम पर मोटी रकम की उगाही करता था।
सरपंच परिवार को बनाया शिकार
मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपियों ने रजोला ग्राम पंचायत की सरपंच संध्या साहू और उनके पति अंकित साहू को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की। आरोपियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत की जांच जनपद पंचायत स्तर पर कराई गई, जिसमें लगाए गए आरोप निराधार और तथ्यहीन पाए गए। जांच में शिकायत झूठी साबित होने के बाद भी आरोपियों ने मामला खत्म नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने सोशल मीडिया पर बदनाम करने और समाचार प्रकाशित करने की धमकी देकर पीड़ित परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
पहले 15 हजार लिए, फिर मांगे 70 हजार रुपये
पीड़ित परिवार के अनुसार, लगातार दबाव और बदनामी के डर से उन्होंने आरोपियों को 15 हजार रुपये दे दिए। लेकिन इसके बाद भी आरोपियों की मांगें खत्म नहीं हुईं। आरोप है कि उन्होंने 70 हजार रुपये की अतिरिक्त रकम की मांग की और पैसे नहीं देने पर झूठी खबरें चलाने तथा सोशल मीडिया अभियान छेड़ने की धमकी दी।
जब ब्लैकमेलिंग का सिलसिला बढ़ता गया, तब अंकित साहू ने हिम्मत जुटाकर सिंगोड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए।
पुलिस की कार्रवाई में हुआ खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर सीएम हेल्पलाइन को उगाही का माध्यम बनाकर लोगों को निशाना बना रहे थे। शिकायतों के जरिए दबाव बनाना और फिर समझौते के नाम पर रकम वसूलना इनके काम करने का तरीका था।
सिंगोड़ी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने इससे पहले कितने लोगों को इसी तरह ब्लैकमेल कर रकम वसूली है और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
