जबलपुर। बरगी डैम में 30 अप्रैल को हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को लेकर जबलपुर जिला अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डी.पी. सूत्रकार की अदालत ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए क्रूज चालक और अन्य स्टाफ के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि संकट की घड़ी में यात्रियों को मरता हुआ छोड़कर भाग जाना न सिर्फ कायरता है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने इस घटना को मानवीय संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया।
‘खतरे का आभास होने के बावजूद नहीं बचाए यात्री’
कोर्ट ने टिप्पणी की कि क्रूज चालक को नाव की स्थिति और संभावित खतरे की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उसने यात्रियों को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। उल्टा वह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकला, जो कानून और मानवता दोनों के खिलाफ है।
सख्त संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अदालत ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में भी नाव या क्रूज संचालकों की लापरवाही और संवेदनहीनता जारी रहेगी। यह आदेश एक स्पष्ट संदेश है कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इन धाराओं में दर्ज होगा मामला
न्यायालय ने बरगी थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल, इस आदेश के बाद पूरे मामले में जांच तेज होने की संभावना है और दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
