जबलपुर। मध्यप्रदेश छात्र संघ (एमपीएसयू) ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर मंगलवार को शहर में 'आस्था बचाओ' अर्थी जुलूस निकाला। कमानिया गेट से मालवीय चौक तक निकाले गए इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ताओं और रामभक्तों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में भगवा ध्वज और तख्तियां लेकर "राम के नाम पर खेल बंद करो" और "पाई-पाई का हिसाब दो" जैसे नारे लगाए।
जुलूस का नेतृत्व एमपीएसयू के जिला उपाध्यक्ष आकाश खरे ने किया, जबकि संगठन के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे और जमीन खरीद-बिक्री के मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
जिला उपाध्यक्ष आकाश खरे ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इसके निर्माण के लिए हजारों कारसेवकों का बलिदान हुआ है। उन्होंने कहा कि चंदे के एक-एक रुपये और जमीन की एक-एक इंच का हिसाब देश के सामने आना चाहिए। उनका कहना था कि जब तक मामले की सीएजी या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, एमपीएसयू के अध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने कहा कि युवा इसलिए सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं क्योंकि उनकी आस्था से जुड़ा विषय सवालों के घेरे में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहा है। उन्होंने ट्रस्ट से जमीन खरीद-बिक्री से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने तथा यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की।
इस अवसर पर जतिन कनौजिया, कृष्णा तिवारी, निहाल यादव, आदित्य भारद्वाज, यश कनौजिया, अर्थ मिश्रा, पृथ्वी सिंह, अभिनव सिंह, सागर तिवारी, वृंद मेहरा, मनोज यादव सहित सैकड़ों छात्र कार्यकर्ता और रामभक्त मौजूद रहे।
नोट: यह समाचार संबंधित संगठन द्वारा आयोजित प्रदर्शन और उसके पदाधिकारियों के बयानों पर आधारित है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
