NEET-UG 2026 री-एग्जाम: फिजिक्स ने बढ़ाई छात्रों की मुश्किलें, बायोलॉजी रही आसान

 



भोपाल/नई दिल्ली। देशभर में रविवार को आयोजित NEET-UG 2026 री-एग्जाम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। परीक्षा में 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। मध्य प्रदेश में बनाए गए 283 परीक्षा केंद्रों पर 13,774 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकले अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स के पेपर को अपेक्षाकृत कठिन बताया, जबकि बायोलॉजी का प्रश्नपत्र संतुलित और आसान रहा।

फिजिक्स के न्यूमेरिकल ने बढ़ाया दबाव

परीक्षार्थियों के अनुसार इस बार फिजिक्स सेक्शन में कॉन्सेप्ट आधारित और कैलकुलेशन वाले प्रश्नों की संख्या अधिक थी। कई सवालों को हल करने में अपेक्षा से ज्यादा समय लगा, जिससे समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया।

छात्रों का कहना है कि पेपर का स्तर मध्यम से कठिन था और अच्छे अंक हासिल करने के लिए मजबूत अवधारणात्मक समझ की जरूरत थी। दूसरी ओर, बायोलॉजी का प्रश्नपत्र एनसीईआरटी आधारित और अपेक्षाकृत आसान रहा, जिससे विद्यार्थियों को कुछ राहत मिली।

अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद, लेकिन बनी रही चिंता

परीक्षा देकर बाहर निकले कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा और उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद है। हालांकि कुछ छात्रों ने पिछले वर्षों में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा विवादों को लेकर चिंता भी व्यक्त की। उनका मानना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था छात्रों के विश्वास को मजबूत करने के लिए जरूरी है।

कुछ सेकंड की देरी ने छीना परीक्षा का मौका

एनटीए के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। भोपाल समेत कई शहरों के परीक्षा केंद्रों पर ऐसे छात्र भी पहुंचे, जो कुछ सेकंड या मिनट की देरी से आए थे।

नियमों के कारण उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल सका। परिजनों का कहना था कि परीक्षा केंद्र पर कक्ष और रोल नंबर खोजने में समय लगने से छात्र देर से पहुंचे। बावजूद इसके निर्धारित समय सीमा पार होने के कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिला।

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