जबलपुर। सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सिहोरा क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और शासकीय संस्थानों की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान चार वर्ष पूर्व निर्मित आंगनबाड़ी भवन का हिस्सा धंसा मिलने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित सब इंजीनियर के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
धंसी आंगनबाड़ी भवन देख भड़के कलेक्टर
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह अचानक ट्रैवलर वाहन से सिहोरा पहुंचे और सबसे पहले वार्ड क्रमांक 12 एवं 15 में निर्मित आंगनबाड़ी भवनों का निरीक्षण किया। करीब चार वर्ष पहले बने भवन का एक हिस्सा धंसा हुआ मिलने पर उन्होंने मौके पर मौजूद नगर पालिका सीएमओ से निर्माण कार्य की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उन्होंने जिम्मेदार सब इंजीनियर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनबाड़ी में मौजूद बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और सुविधाओं की जानकारी भी ली।
सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण की प्रगति परखी
इसके बाद कलेक्टर ने निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने फिजिक्स और केमिस्ट्री लैब, स्मार्ट क्लास, कक्षाओं तथा अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया।
इस महीने पूरा होगा ग्राउंड फ्लोर
निरीक्षण के दौरान ठेकेदार ने कलेक्टर को भरोसा दिलाया कि इस माह के अंत तक भवन का ग्राउंड फ्लोर तैयार कर विभाग को सौंप दिया जाएगा, जबकि शेष हिस्सों का निर्माण भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जैसे ही ग्राउंड फ्लोर तैयार हो जाए, विद्यालय को अस्थायी रूप से सिहोरा से खितौला स्थानांतरित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
खितौला अस्पताल का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने खितौला अस्पताल पहुंचकर दवाओं की उपलब्धता, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों के टीकाकरण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सकों एवं अस्पताल स्टाफ को मरीजों के बेहतर उपचार, समय पर दवा उपलब्ध कराने और अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
लापरवाही पर सख्त संदेश
कलेक्टर की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक धन से बनने वाले निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
