जबलपुर। शहर और ग्रामीण इलाकों में पुलिस थानों एवं चौकियों पर समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने के संकेत अब पुलिस मुख्यालय की साप्ताहिक जनसुनवाई में साफ दिखाई देने लगे हैं। हर मंगलवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई में फरियादियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस सप्ताह भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंचे लोगों की संख्या आधा सैकड़ा पार कर गई।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने 62 शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं। पुलिस कार्यालय पहुंचे लोगों में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक शामिल रहे, जिन्होंने अपनी विभिन्न शिकायतें सीधे एसपी के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें पति-पत्नी एवं पारिवारिक विवाद, जमीन संबंधी विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी तथा साइबर अपराध से जुड़ी रहीं। कई शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं का समाधान संबंधित थानों और चौकियों में समय पर नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
एसपी सम्पत उपाध्याय ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि प्रत्येक मामले का नियमानुसार निराकरण कराया जाएगा।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़, अनु बेनीवाल और जितेन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे तथा शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया की निगरानी करते रहे।
लगातार बढ़ रही शिकायतों की संख्या यह सवाल भी खड़ा कर रही है कि यदि थानों और चौकियों में शिकायतों का प्रभावी समाधान हो रहा होता, तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों को हर सप्ताह पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक आने की आवश्यकता शायद नहीं पड़ती। यही कारण है कि साप्ताहिक जनसुनवाई अब आम जनता के लिए न्याय की अंतिम उम्मीद बनती जा रही है।
