प्लॉट के अनुबंध की होगी पड़ताल
पुलिस जांच के अनुसार शुभम वैली स्थित एक प्लॉट को लेकर पलासिया निवासी युवती पायल ने शिकायत दर्ज कराई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्लॉट का अनुबंध नाना पटवारी के नाम पर किया गया था, जबकि संबंधित कॉलोनी को कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से जुड़ा बताया जा रहा है।
अब पुलिस दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ कर अनुबंध पत्र की सत्यता की जांच करेगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता युवती का दोनों से आमना-सामना भी कराया जाएगा।
डीसीपी जोन-1 नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार मामले से जुड़े सभी लोगों के पिछले पांच वर्षों के बैंक खातों की जांच कराई जा रही है, ताकि कथित आर्थिक लेनदेन और धोखाधड़ी के आरोपों की पुष्टि की जा सके। हालांकि नाना पटवारी पहले ही युवती के साथ किसी भी प्रकार के आर्थिक लेनदेन से इनकार कर चुके हैं।
ऑनलाइन सट्टा और ड्रग्स नेटवर्क की भी जांच
मामले की जांच केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। राजेंद्र नगर, राऊ और तेजाजी नगर थाना पुलिस संयुक्त रूप से ऑनलाइन सट्टा और ड्रग्स नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
इसी कड़ी में पुलिस ने पीथमपुर निवासी प्रितेश त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि वह ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और उसके संपर्क नाना पटवारी के करीबी बताए जा रहे संजय कौशल से सामने आए हैं। वहीं इस मामले में बंटी असरानी समेत कुछ अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
QR कोड से भेजे गए थे कथित ड्रग्स के पैसे
जांच के दौरान पुलिस ने सोमवार को नाना पटवारी के पूर्व चालक भुरु बैंड के साथी फैजल को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार इरफान ने कथित तौर पर नाना पटवारी के कहने पर भुरु से ड्रग्स मंगवाई थी। इसके बाद भुरु ने एक QR कोड भेजकर 10 हजार रुपये मंगाए, जो फैजल के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। पुलिस का कहना है कि फैजल ने बाद में यह रकम नकद निकाल ली। फिलहाल पुलिस रेहान, अयान और मूसा की तलाश में जुटी हुई है।
पुराने मामलों की भी खुल रही फाइलें
जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही पुलिस अब नाना पटवारी से जुड़े पुराने मामलों की भी समीक्षा कर रही है। जोन-2 पुलिस लसूड़िया थाना क्षेत्र के खुशी कुलवाल आत्महत्या प्रकरण और विजय नगर थाना क्षेत्र के एमडी ड्रग्स मामले की फाइलों को भी दोबारा खंगाल रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और डिजिटल, वित्तीय व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला जांच के अधीन है। पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अभी शेष है और संबंधित पक्षों का पक्ष भी अंतिम निर्णय तक महत्वपूर्ण रहेगा।
