प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने दी जान, महिला सूदखोर समेत दो गिरफ्तार


जबलपुर। जबलपुर में सूदखोरी का एक बेहद भयावह मामला सामने आया है। केंट थाना क्षेत्र में सूदखोरों की मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से परेशान एक युवक ने ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने इस मामले में एक महिला सूदखोर सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदर मोदीबाड़ा निवासी विकास बावरिया ने 11 दिसंबर को ज़हर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को विकास के पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए दो सूदखोरों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।

मूलधन से कई गुना वसूली, फिर भी नहीं मिली राहत

सुसाइड नोट में विकास ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए लिखा कि उसने जरूरत के समय दो लोगों से कर्ज लिया था, जिसे वह ब्याज सहित कई गुना चुका चुका था। सदर कुरील मोहल्ला निवासी पिंकी टंडन से उसने 4 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसके बदले वह 8 लाख रुपये से अधिक की रकम अदा कर चुका था। वहीं, कृष्ण पासी से लिए गए 7 लाख रुपये के एवज में वह 12 लाख रुपये से ज्यादा चुका चुका था।

इतनी भारी भरकम रकम लौटाने के बावजूद दोनों सूदखोर लगातार उस पर और पैसों का दबाव बना रहे थे। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि उसे मानसिक रूप से तोड़ने के लिए सूदखोरों द्वारा उसके खिलाफ झूठी शिकायतें तक दर्ज कराई जा रही थीं।

त्वरित कार्रवाई, दोनों आरोपी सलाखों के पीछे

विकास की मौत और सुसाइड नोट में सामने आए गंभीर आरोपों के आधार पर केंट थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पिंकी टंडन और कृष्ण पासी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, अवैध वसूली सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

अवैध सूदखोरी पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर शहर में पनप रहे अवैध सूदखोरी के नेटवर्क को बेनकाब कर दिया है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है और मांग की जा रही है कि ऐसे सूदखोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, जो मजबूरी का फायदा उठाकर लोगों को मानसिक और आर्थिक रूप से बर्बाद कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जाएगी।

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