जबलपुर। नगर निगम क्षेत्र में लगातार बढ़ती अवैध कॉलोनियों और उन पर वर्षों से चली आ रही ढुलमुल कार्रवाई के बीच अब प्रशासन सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। लंबे समय की चुप्पी के बाद नगर निगम ने अवैध कॉलोनी निर्माताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। इसी क्रम में शहर की आधा दर्जन प्रमुख अवैध कॉलोनियों के डेवलपर्स के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी की जा रही है, जो सोमवार तक दर्ज हो सकती है।
206 से बढ़कर 224 हुई अवैध कॉलोनियों की संख्या
आंकड़ों के अनुसार, जबलपुर नगर निगम क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का जाल तेजी से फैला है। पूर्व में इनकी संख्या 206 थी, जो अब बढ़कर 224 हो चुकी है। बिना किसी स्वीकृत ले-आउट और वैधानिक अनुमति के धड़ल्ले से प्लॉटिंग कर भूखंड बेचे जा रहे हैं। अब तक नगर निगम केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाता रहा, जिससे अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले बुलंद होते गए।
104 कॉलोनियों की सूची सार्वजनिक, फिर भी कार्रवाई शून्य
वर्ष 2022 से पहले विकसित हुई 206 अवैध कॉलोनियों में से 104 की सूची सार्वजनिक की जा चुकी है। इसके बावजूद न तो कहीं तोड़फोड़ हुई और न ही प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई। प्रशासन की इस सुस्ती से शहर की नियोजित विकास व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। इन कॉलोनियों में सड़क, नाली, पेयजल और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
FIR, नोटिस और अतिक्रमण हटाने की शुरुआत
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। अवैध कॉलोनियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर न केवल FIR दर्ज की जाएगी, बल्कि अवैध रूप से विकसित किए गए भूखंडों को बेचने वालों को नए सिरे से नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
