जबलपुर | स्वास्थ्य सतर्कता इंदौर में हाल ही में दूषित पानी के सेवन से हुई मौतों की घटना के बाद वेटरनरी विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनदीप शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर के सभी वेटरनरी महाविद्यालयों, कार्यालयों, छात्रावासों और कैंपस में पेयजल आपूर्ति व शुद्धता का व्यापक ऑडिट कराया जाएगा।
कुलपति ने सभी संबंधित महाविद्यालयों के डीन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पेयजल की गुणवत्ता का ऑडिट पूरा किया जाए। इस कार्य के लिए सभी संस्थानों को 15 दिन का समय दिया गया है।
इन संस्थानों में होगी सघन जांच
विश्वविद्यालय से संबद्ध मुख्य वेटरनरी महाविद्यालय जबलपुर, रीवा और महू में स्थित हैं। इसके अतिरिक्त जबलपुर, रीवा, महू, मुरैना और भोपाल में संचालित वेटरनरी डिप्लोमा कॉलेजों में भी जांच होगी।
ऑडिट के दौरान कैंपस की पानी की टंकियों की सफाई, पाइप लाइनों की स्थिति और वॉटर फिल्टर की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कुलपति प्रो. मनदीप शर्मा ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में दूषित पानी से जुड़ी किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से बचाव किया जा सके।
3,000 से अधिक छात्रों की सुरक्षा प्राथमिकता
इन शिक्षण संस्थानों में 3,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। साथ ही 10 से ज्यादा छात्रावासों में 1,000 से अधिक विद्यार्थी निवास करते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि सभी विद्यार्थियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता और जिम्मेदारी है।
