एक फल आपकी सेहत, सुंदरता और मानसिक शांति तीनों को दुरुस्त रख सकता है। नारियल सिर्फ एक फल नहीं बल्कि प्रकृति का दिया हुआ कंप्लीट हेल्थ पैकेज है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक हर कोई इसके जादुई गुणों का कायल है।
नारियल को भारतीय संस्कृति में श्रीफल कहा जाता है और इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण हैं। यह दुनिया का इकलौता ऐसा फल है जो फल, बीज और मेवा तीनों श्रेणियों में फिट बैठता है। इसके पेड़ के हर हिस्से में इंसान को स्वस्थ रखने की ताकत छिपी है।
नारियल पानी
शरीर का नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट आयुर्वेद में नारियल पानी को जीवन रसायन की संज्ञा दी गई है। गर्मियों की तपिश हो या बुखार और डिहाइड्रेशन की कमजोरी, नारियल पानी शरीर में खनिजों का संतुलन तुरंत बहाल करता है। इसमें मौजूद नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स बाजार में मिलने वाले किसी भी एनर्जी ड्रिंक से कई गुना बेहतर और सुरक्षित हैं।
नारियल तेल
त्वचा और बालों का रक्षक अगर आप महंगे कॉस्मेटिक्स से थक चुके हैं तो नारियल तेल आपका सबसे अच्छा दोस्त है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण त्वचा के इन्फेक्शन को दूर रखते हैं।
बालों के लिए
यह जड़ों को मजबूती देता है और डैंड्रफ का सफाया करता है।
स्किन के लिए
यह फटे होंठों और सूखेपन को दूर कर चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाता है।
ऑयल पुल्लिंग
आयुर्वेद के अनुसार रोज सुबह 5 मिनट नारियल तेल से कुल्ला (Oil Pulling) करने से मसूड़े लोहे जैसे मजबूत हो जाते हैं।
सफेद गूदा और नारियल दूध
ऊर्जा का पावरहाउस नारियल का सफेद हिस्सा फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरा होता है। सुबह इसका एक टुकड़ा खाली पेट खाने से कब्ज की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है। वहीं नारियल का दूध मांसपेशियों को पोषण देने और त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइजर करने के लिए बेहतरीन माना जाता है।
मानसिक शांति
नारियल की तासीर ठंडी होती है इसलिए यह शरीर के वात और पित्त दोष को शांत करता है। अगर आपको अधिक गुस्सा आता है या मानसिक तनाव रहता है तो नारियल पानी में तुलसी का रस मिलाकर पीना चमत्कारी लाभ देता है।
नारियल का एक पेड़ 100 साल तक जीवित रह सकता है और हर साल लगभग 75 फल देता है। यह न सिर्फ हमारी प्यास बुझाता है बल्कि हमारी पूरी जीवनशैली को स्वस्थ बनाने की क्षमता रखता है।
