रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश को समर्पित ‘सकट चौथ’ का पावन व्रत इस साल 6 जनवरी मंगलवार को पड़ रही है। यह व्रत प्रथम पूजनीय विध्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है, जो संतान सुख के लिए रखा जाता है। खास बात ये है कि इस बार तीन शुभ संयोगों के साथ सकट का महापर्व मनाया जाएगा। इन योगों में पूजा-अर्चना करने से लोगों को विशेष फल की प्राप्ति होगी।
सनातन परंपरा में इस पावन व्रत का पुण्यफल पाने के लिए कुछ नियम बताए गए हैं। सभी विघ्न और बाधाओं को दूर करके शुभ-लाभ बढ़ाने वाले भगवान श्री गणेश और सकट माता को प्रसन्न करने के लिए सकट चौथ व्रत में क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए, आइए इसे विस्तार से जानते हैं
सकट चौथ व्रत में क्या करना शुभ?
- सकट चौथ के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर के पूजा स्थल को साफ करके ईशान कोण में भगवान श्री गणेश की स्थापना करें।
- इस दिन लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
- पूजा प्रारंभ करने से पहले हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर व्रत का संकल्प करें।
- इसके बाद भगवान गणेश को चंदन, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें।
- गणपति को तिल के लड्डू, मोदक, गन्ना और गुड़ का भोग लगाना विशेष फलदायी माना जाता है।
- पूजा के दौरान गणेश मंत्रों का जाप करें, जैसे “ॐ गं गणपतये नमः”।
- इसके साथ गणेश स्तोत्र या सकट चौथ कथा का पाठ करें।
- अंत में विधिपूर्वक गणेश जी की आरती करें और उनसे सभी संकटों को दूर करने की प्रार्थना करें।
सकट चौथ व्रत में किन बातों से बचना चाहिए
- इस दिन क्रोध, असत्य भाषण और निंदा से दूर रहना चाहिए।
- तामसिक भोजन का सेवन व दिन में सोना वर्जित माना गया है।
- पूजा में तुलसी दल, टूटे अक्षत या बासी फूल अर्पित नहीं करने चाहिए।
- साथ ही भगवान गणेश की सवारी माने जाने वाले चूहे को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचानी चाहिए।
इन गलतियों से हो सकता है पुण्य का नाश
मान्यताओं के अनुसार सफेद वस्त्र, सफेद आसन या सफेद चंदन का प्रयोग सकट चौथ की पूजा में वर्जित है। पूजा में हमेशा लाल या पीले रंग का उपयोग करना चाहिए, अन्यथा पुण्य के स्थान पर दोष लग सकता है।
