जबलपुर के विजयनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरोजिनी नगर वार्ड के पटेल मोहल्ले में बुधवार दोपहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। हालात बिगड़ते देख मौके पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
कांग्रेस का आरोप जबरन बदले जा रहे मीटर
कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने बिजली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी उपभोक्ताओं के घरों में जबरन प्रवेश कर पुराने मीटर हटाकर बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान महिलाओं से बदतमीजी की शिकायतें सामने आई हैं।
सौरभ शर्मा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस स्मार्ट मीटर लगाने के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह प्रक्रिया उपभोक्ताओं की स्वेच्छा और स्पष्ट सहमति से ही होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनी की कथित मनमानी नहीं रुकी तो कांग्रेस आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।
कंपनी का जवाब—आरोप निराधार
वहीं, बिजली कंपनी के विजयनगर कार्यपालन यंत्री अमित सक्सेना ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और इसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को दी जाती है। कर्मचारियों द्वारा जबरन घरों में घुसने की बात पूरी तरह गलत है।
नियमों का हवाला—मीटर जांच का अधिकार
अमित सक्सेना के अनुसार, नियमों के तहत बिजली कंपनी को मीटर जांच का अधिकार प्राप्त है और कंपनी 24 घंटे के भीतर किसी भी समय मीटर की जांच कर सकती है, जिसके लिए अलग से अनुमति आवश्यक नहीं होती।
फिलहाल, विवाद के चलते इलाके में सतर्कता बनी हुई है और प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर है।
