जबलपुर। टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट मैच के रोमांच के बीच रांझी थाना पुलिस ने शहर में जड़ें जमा चुके ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने कार में बैठकर मोबाइल ऐप के जरिए सट्टा संचालित कर रहे दो सटोरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में 4 मोबाइल फोन, 20 हजार 350 रुपये नगद और एक कार जब्त की गई है।
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देश पर शहर में क्रिकेट सट्टा खिलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) आयुष गुप्ता एवं नगर पुलिस अधीक्षक रांझी सतीश कुमार साहू के मार्गदर्शन में रांझी थाना पुलिस ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेमोरी तिराहा स्थित सामुदायिक भवन के पास खड़ी डार्क ब्लू रंग की कार (एमपी 20 जेड जी 0030) में दो युवक मोबाइल के जरिए टी-20 वर्ल्ड कप मैच पर सट्टा खिला रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रामनगर रांझी क्षेत्र में घेराबंदी कर दबिश दी और दोनों आरोपियों को मौके से पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नाम अनमोल पटारिया उर्फ बीसू (29), निवासी दर्शन तिराहा, रांझी तथा कृष्णा नामदेव (25), निवासी आदर्श मार्केट, रांझी बताए।
मोबाइल ऐप से चल रहा था खेल
तलाशी के दौरान कृष्णा नामदेव के रेडमी मोबाइल में “CRICKET GURU” ऐप खुला मिला, जिसमें श्रीलंका बनाम न्यूजीलैंड मैच के रन और भाव प्रदर्शित हो रहे थे। उसके पास से एक अन्य मोबाइल भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग सट्टा संचालन में किया जा रहा था। उसके कब्जे से 350 रुपये नगद मिले।
वहीं अनमोल उर्फ बीसू के सैमसंग जेड फोल्ड मोबाइल में “थर्ड आई” एप्लीकेशन के माध्यम से उसी मैच का ऑनलाइन सट्टा संचालित होता पाया गया। उसके पास एक एप्पल 17 प्रो मैक्स मोबाइल भी मिला, जिससे वह अन्य बुकियों से संपर्क में था। उसके पास से 20 हजार रुपये नगद बरामद किए गए।
‘मास्टर आईडी’ से चलता था पूरा सिंडिकेट
पूछताछ में अनमोल ने खुलासा किया कि वह “bet 4 win” नामक मास्टर आईडी बड़े बुकियों दिलीप खत्री और संजय खत्री से प्राप्त करता था। इसके बाद वह अपने अधीन एजेंटों कृष्णा नामदेव, अंकुश शिवहरे, विशाल सराफ, राहुल ललवानी, अंकित सोनकर और विवेक गुप्ता को आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराकर खिलाड़ियों से सट्टा खिलवाता था। मैच खत्म होने के बाद पूरा हिसाब-किताब नगद में निपटाया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही फरार एजेंटों और मास्टर आईडी उपलब्ध कराने वाले मुख्य बुकियों की तलाश तेज कर दी गई है।
