पुलिस के अनुसार, अधिकांश आरोपी लंबे समय से फरार थे और न्यायालय में लंबित प्रकरणों के चलते उनकी तलाश की जा रही थी। विशेष अभियान के तहत एक साथ कई टीमों को मैदान में उतारा गया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में वारंट तामील किए जा सके।
शहर और देहात में बनी विशेष टीमें
कॉम्बिंग गश्त के दौरान वारंटी एवं लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शहर और देहात के थानों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें गठित की गईं।
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प्रत्येक टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी कर रहे थे।
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अन्य टीमों की कमान उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई थी।
पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए वारंटियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की पहल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कॉम्बिंग गश्त का उद्देश्य लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे, ताकि फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
