जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र में 8 फरवरी की रात अधारताल निवासी फर्नीचर व्यापारी एकांश साहू की सीने में चाकू घोंपकर की गई निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं चार आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इस सनसनीखेज हत्याकांड को पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) ने गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह तथा नगर पुलिस अधीक्षक रांझी सतीश कुमार साहू के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उमेश कुमार गोल्हानी के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और थाना रांझी की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
सीसीटीवी से खुली गुत्थी
गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी-20-केएम-0511 संदिग्ध पाई गई। वाहन के पंजीकृत स्वामी संजय सिंह ठाकुर से पूछताछ में पता चला कि बाइक शिवम बाजपेयी को बेची गई थी।
विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर विजय नगर स्थित जीरो डिग्री क्षेत्र में दबिश देकर शिवम बाजपेयी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों—सुधीर चौधरी, अंकित चौरसिया, कमलेश महोबिया, सुमित चौधरी, जय बेन, छोटू ठाकुर व एक अन्य साथी के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया।
एक्सीडेंट बना विवाद की वजह
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 8 फरवरी की रात करीब 11 बजे गोकलपुर में काले रंग की क्रेटा कार से बाइक का एक्सीडेंट हो गया था। कार मृतक एकांश साहू चला रहे थे। इसी बात को लेकर शिवम बाजपेयी का विवाद हुआ। उसने फोन कर अपने साथियों को मौके पर बुलाया, जिसके बाद सभी ने मिलकर कार चालक के साथ मारपीट की।
आरोप है कि कमलेश महोबिया और छोटू ठाकुर ने चाकू से हमला किया, जिससे एकांश साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मोटरसाइकिलों से फरार हो गए।
हथियार और मोबाइल जब्त
आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिलें और बातचीत में उपयोग किए गए चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सुधीर चौधरी, अंकित चौरसिया और सुमित चौधरी को क्रमशः अमखेरा, घमापुर और विजय नगर से हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
फिलहाल कमलेश महोबिया, जय बेन, छोटू ठाकुर व एक अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
सराहनीय पुलिस टीम
अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी उमेश कुमार गोल्हानी, उपनिरीक्षक मयंक यादव, एएसआई मनीष जाटव, सुभाष बागरी, प्रधान आरक्षक पुरुषोत्तम, चन्द्रभान, आरक्षक मनीष, अभिषेक मिश्रा तथा क्राइम ब्रांच के एएसआई संतोष पाण्डेय, कैलाश मिश्रा, प्रधान आरक्षक आनंद तिवारी, वीरेन्द्र चंदेल, आरक्षक आशुतोष बघेल और सतेन्द्र बिसेन की सराहनीय भूमिका रही।
