जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर सोमवार को जिले भर के अधिवक्ताओं ने प्रतिवाद दिवस मनाते हुए न्यायालयीन कार्य से विरत रहकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध शिवपुरी जिले के करैरा में अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या के खिलाफ दर्ज कराया गया।
अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
जमीन विवाद में हुई थी हत्या
गौरतलब है कि शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। करैरा थाना पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक आरोपी को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जमीन विवाद के चलते सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिया गया।
इस सनसनीखेज हत्याकांड से प्रदेशभर के अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। इसी के विरोध में सोमवार को अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।
हाईकोर्ट बार ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधेलाल गुप्ता एवं उपाध्यक्ष आर. के. सिंह सेनी ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण सूचीबद्ध मामलों को खारिज न किया जाए और न ही कोई प्रतिकूल आदेश पारित किए जाएं।
स्टेट बार काउंसिल ने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण है। जिला स्तर पर कलेक्टर और तहसील स्तर पर तहसीलदार को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए।
7 दिन का अल्टीमेटम, एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर बार काउंसिल ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मांग की गई है कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन ने दिवंगत अधिवक्ता संजय सक्सेना के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, आश्रितों को सरकारी नौकरी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।
