जॉय स्कूल भूमि घोटाला: ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया प्रकरण, 3.5 करोड़ का नुकसान



जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में जॉय स्कूल के संचालक अखिलेश मेबन का एक और गंभीर कारनामा सामने आया है। आरोप है कि अखिलेश मेबन ने आधारताल क्षेत्र के तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे से सांठगांठ कर नगर निगम से शैक्षणिक कार्य के लिए लीज पर मिली भूमि पर अस्पताल का निर्माण करा दिया। शिकायत की पुष्टि होने के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले में नगर निगम को लगभग 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार, राजकुमार निवासी जीआरसी ऑफिस मेस के समीप ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि जॉय एजुकेशन सोसायटी, जबलपुर के चेयरमेन अखिलेश मेबन को शासन की रियायती दरों पर 7500 वर्गफुट भूमि प्लॉट नंबर 440, डायवर्सन शीट नंबर 152-सी शैक्षणिक उद्देश्य से 30 वर्ष की लीज पर आवंटित की गई थी। यह भूमि नगर निगम जबलपुर के अंतर्गत आती है।

जांच में सामने आया कि अखिलेश मेबन ने लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए, तत्कालीन तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे की मिलीभगत से स्कूल की जगह अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार उक्त भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 3.50 करोड़ रुपये है।
लीज की जमीन पर अवैध मालिकाना

ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निर्माण कार्य शुरू होते ही अखिलेश मेबन ने तहसीलदार के साथ आपराधिक षड्यंत्र रचकर नगर निगम को धोखे में रखा और शैक्षणिक उद्देश्य से दी गई भूमि पर बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के मालिकाना अधिकार स्थापित कर लिया।

Post a Comment

Previous Post Next Post