जबलपुर। मध्य प्रदेश के आगामी बजट सत्र से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस विधायक तरुण भनोट ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति और केंद्रीय बजट में राज्य की हिस्सेदारी को लेकर सरकार पर तीखे सवाल दागे हैं। जबलपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए भनोट ने केंद्र और राज्य—दोनों सरकारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
भनोट ने केंद्रीय बजट में मध्य प्रदेश के हिस्से में साढ़े सात करोड़ रुपये की कटौती का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद केंद्र ने प्रदेश के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया।
बढ़ते कर्ज पर सरकार को घेरा
तरुण भनोट ने प्रदेश सरकार की ऋण नीति पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने हाल ही में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का नया कर्ज लिया है। उन्होंने सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए सवाल किया कि हर महीने जनता के टैक्स का कितना पैसा केवल ब्याज चुकाने में खर्च हो रहा है। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि यह भारी रकम किन विकास कार्यों में लगाई जा रही है।
वैट कटौती पर ‘दिखावे’ का आरोप
पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने के मुख्यमंत्री के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भनोट ने कहा कि यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन कांग्रेस चाहती है कि सरकार केवल दिखावा न करे, बल्कि पूरा टैक्स घटाकर जनता को वास्तविक राहत दे।
विपक्ष के इन तीखे तेवरों से संकेत साफ हैं कि मध्य प्रदेश का आगामी बजट सत्र राजनीतिक रूप से काफी हंगामेदार रहने वाला है।
