नहर में मिली अज्ञात महिला की लाश का खुलासा: प्रेम प्रसंग, जबरदस्ती और हत्या की साजिश



एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा कीटनाशक पीकर अस्पताल में भर्ती

जबलपुर। थाना पनागर क्षेत्र के ग्राम मुड़िया स्थित नहर में मिली अज्ञात महिला की लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग, जबरन शारीरिक संबंध और पहचान छुपाने के लिए की गई नृशंस हत्या का निकला। पुलिस ने मुख्य आरोपी हरि उर्फ मुकेश सिंह परस्ते को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी मोनू उर्फ महेश मार्को पुलिस को देख कीटनाशक पीने के कारण मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। मामले का खुलासा आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया।
बाजार गई पत्नी घर नहीं लौटी, दो दिन बाद नहर में मिली लाश

ग्राम हाड़ापानी (कुण्डम) निवासी श्याम धुर्वे अपनी 30 वर्षीय पत्नी सुलोचना के साथ पनागर के एक पोल्ट्री फार्म में काम करता था। 10 जनवरी 2026 की शाम सुलोचना बाजार जाने के लिए निकली, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। परिजनों की तलाश के बीच 12 जनवरी की सुबह ग्राम मुड़िया की सूखी नहर में उसकी अर्धनग्न लाश मिलने से सनसनी फैल गई।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई थी और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को नहर में फेंका गया था।
सीसीटीवी और लाल जैकेट बना अहम सुराग

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में गठित टीम ने पनागर बाजार क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सुलोचना एक लाल जैकेट पहने व्यक्ति के साथ घूमती दिखाई दी और बाद में पीले रंग के ऑटो में बैठकर नयागांव की ओर जाती दिखी।

जांच में लाल जैकेट पहने व्यक्ति की पहचान हरि उर्फ मुकेश सिंह परस्ते के रूप में हुई। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया, जहां पूछताछ में उसने पूरी वारदात कबूल कर ली।
शराब पार्टी के बाद बनी हत्या की साजिश

पूछताछ में सामने आया कि मृतका के आरोपी मोनू उर्फ महेश के साथ अवैध संबंध थे। 10 जनवरी को दोनों आरोपी सुलोचना को लेकर लखन पटेल के खेत स्थित पंप हाउस पहुंचे। वहां तीनों ने शराब पी और खाना खाया।

इस दौरान मुकेश ने महिला के साथ संबंध बनाने की कोशिश की, जिसका उसने विरोध किया। बाद में मोनू ने उसके साथ संबंध बनाए और फिर मुकेश ने भी जबरदस्ती की। जब सुलोचना ने इस घटना की शिकायत पुलिस और परिजनों से करने की बात कही, तो दोनों आरोपी घबरा गए।

पकड़े जाने के डर से मुकेश ने महिला का गला दबाया, जबकि मोनू ने उसके हाथ-पैर पकड़े। संघर्ष के दौरान मोनू ने उसके गले पर पैर रख दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद आरोपियों ने मृतका की साड़ी, चप्पल और बैग को जला दिया तथा शव को सूखी नहर में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चूड़ियों के टुकड़े, जले हुए बैग के अवशेष, लाल जैकेट और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है।
दूसरा आरोपी अस्पताल में

गिरफ्तारी के भय से दूसरे आरोपी मोनू ने कीटनाशक पी लिया। फिलहाल उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है।

इस सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा करने में पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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