जबलपुर। शहर के नर्मदा रोड कटंगा स्थित जॉनसन हायर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार सुबह उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब दसवीं कक्षा की एक छात्रा को एडमिट कार्ड नहीं दिए जाने का मामला सामने आया। आरोप है कि फीस जमा न होने के कारण स्कूल प्रबंधन ने छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी, जिससे वह वार्षिक परीक्षा से वंचित रह गई।
फीस बकाया होने का आरोप
जानकारी के अनुसार, दसवीं की छात्रा सानिया उइके की लगभग 9 हजार रुपये फीस बकाया बताई जा रही है। छात्रा की पारिवारिक आर्थिक स्थिति कमजोर है। उसकी मां घर-घर जाकर काम करती हैं, जिसके कारण समय पर फीस जमा नहीं हो सकी। छात्रा को निःशुल्क ट्यूशन देने वाले शिक्षक पराग दीवान ने बताया कि सानिया ने पूरे वर्ष नियमित पढ़ाई की, लेकिन फीस बकाया होने के चलते उसे तिमाही, छमाही और अंततः वार्षिक परीक्षा में भी बैठने नहीं दिया गया।ABVP कार्यकर्ताओं ने किया विरोध
मामले की जानकारी मिलते ही Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) के कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने स्कूल परिसर में नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल में ताला जड़ दिया। उनका कहना था कि फीस के अभाव में किसी छात्रा का भविष्य खतरे में डालना अन्यायपूर्ण है।
ABVP के जबलपुर महानगर महामंत्री आर्यन पुंज ने आरोप लगाया कि छात्रा के परिजन पहले भी फीस के संबंध में प्राचार्य से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मुलाकात का अवसर नहीं दिया गया। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि प्राचार्य के शहर से बाहर होने का हवाला देकर विद्यालय का संचालन बिना जवाबदेही के किया जा रहा है।
स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, स्कूल प्रबंधन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। प्रबंधन के अनुसार, छात्रा की करीब 9 हजार रुपये फीस बकाया थी। उनका दावा है कि प्राचार्य द्वारा एडमिट कार्ड वितरित किए गए थे और छात्रा को परीक्षा में बैठने के लिए कहा गया था। प्रबंधन का कहना है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद छात्रा परीक्षा देने नहीं आई, जबकि अब फीस को लेकर प्रताड़ना के आरोप लगाए जा रहे हैं।
