जबलपुर। ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक धरोहर मानी जाने वाली मदनमहल पहाड़ी अब प्रशासनिक कार्रवाई के केंद्र में है। Supreme Court of India की सख्ती के बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को गति दे दी है। होली पर्व के बाद पहाड़ी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चरणबद्ध अभियान शुरू किया जाएगा।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई Madhya Pradesh High Court के आदेशों के पालन से जुड़ी है। शांति बाई शर्मा एवं अन्य द्वारा दायर याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य शासन को निर्देशित किया है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का शीघ्र और प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से न केवल मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, बल्कि स्वयं सर्वोच्च न्यायालय में भी प्रस्तुत की जाए। इससे स्पष्ट है कि अब इस मामले की निगरानी उच्चतम स्तर पर की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, होली के बाद मदनमहल पहाड़ी क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और पूरे अभियान के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर रहेगा।
मदनमहल पहाड़ी शहर की ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है। ऐसे में अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन न्यायालय के निर्देशों का पालन किस तेजी और पारदर्शिता के साथ करता है।
