जबलपुर/कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई ने जिला पंचायत कार्यालय में हड़कंप मचा दिया। जबलपुर से पहुंची मध्यप्रदेश लोकायुक्त की टीम ने जिला पंचायत की स्थापना शाखा में पदस्थ लेखापाल सत्येन्द्र सोनी को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
बहाली के बदले मोबाइल की मांग
पीड़ित ग्राम सचिव आशीष कुमार दुबे के अनुसार, वर्ष 2024 में ग्राम पंचायत बसाड़ी में पदस्थापना के दौरान उन पर लोकायुक्त की कार्रवाई हुई थी, जिसमें उन्हें सह-आरोपी बनाया गया। करीब छह माह बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। बहाली के लिए उन्होंने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की शरण ली, जहां से 30 दिनों में मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए गए थे।
लेकिन आरोप है कि लेखापाल सत्येन्द्र सोनी ने फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 50 हजार रुपए कीमत का वीवो प्रो 70 मोबाइल फोन मांग लिया। जब आशीष दुबे ने असमर्थता जताई, तो आरोपी किस्तों में रकम लेने पर तैयार हो गया।
पांच हजार लेते ही दबिश
आशीष कुमार दुबे ने जबलपुर पहुंचकर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। योजना के तहत आज कटनी जिला पंचायत कार्यालय की स्थापना शाखा में पांच हजार रुपए की पहली किस्त दी गई। जैसे ही लेखापाल ने रकम स्वीकार की, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
नौ दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
कटनी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह नौ दिनों के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 17 फरवरी को जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री वी.ए. सिद्दीकी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। वह मामला सेवानिवृत्त चौकीदार कुंवर लाल रजक और नौ अन्य कर्मचारियों के करीब 8 लाख रुपए के एरियर्स भुगतान के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगने से जुड़ा था।
