कब और कैसे खाना चाहिए लहसुन? क्या हैं इसके फायदे? जानिए किसे हो सकता है नुकसान



 मौजूदा समय में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या बहुत आम हो गई है। खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान के कारण शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है, जो आगे चलकर नसों में ब्लॉकेज और हार्ट डिजीज जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल कम करने में बेहद कारगर ‘लहसुन’

आयुर्वेद में लहसुन को हाई कोलेस्ट्रॉल कम करने में बेहद कारगर माना जाता है। लहसुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण न सिर्फ कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, बल्कि ब्लड वेसल्स को साफ और स्वस्थ रखने में भी सहायक होते हैं।

लहसुन के सेवन से होने फायदे

आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार, लहसुन में ‘एलिसिन’ नाम का एक बायोएक्टिव कंपाउंड पाया जाता है, जिसे कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए असरदार माना जाता है। इसके अलावा अन्य फायदे भी है जो इसप्रकार है

  • ब्लड प्रेशर को कम करना
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार
  • शरीर को भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स देना

कैसे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है लहसुन?

स्टडी में बताया गया है कि सुबह के समय लहसुन की एक कली छीलकर चबाने से 15 से 20 दिनों के भीतर हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है। इस बारे में इजराइल के ‘इंस्टिट्यूट ऑफ लिपिड एंड एथेरोस्क्लेरोसिस रिसर्च’ ने एक राय भी दी है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि लहसुन में मौजूद ‘एलिसिन’ लिवर की कोशिकाओं पर मौजूद रिसेप्टर्स के साथ जुड़कर खराब कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को रोक देता है। यह प्रक्रिया सेलुलर स्तर पर होती है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इसका गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

क्या है लहसुन खाने का सही तरीका?

अध्ययनों के अनुसार, दिन में 1 से 2 कलियां कच्चा लहसुन खाना सुरक्षित माना जाता है। इसे आप भोजन के साथ या खाली पेट भी खा सकते हैं। हालांकि, लहसुन के सेवन को लेकर कोई सख्त गाइडलाइंस नहीं हैं, लेकिन लहसुन के सप्लीमेंट्स लेने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

अधिक मात्रा में लहसुन का सेवन करने से कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसे—

  • गैस और बदहजमी
  • सीने में जलन
  • डायरिया
  • मुंह से बदबू आना

सावधानी है जरूरी

लहसुन में खून को पतला करने वाले गुण होते हैं। इसलिए जो लोग ब्लीडिंग डिसऑर्डर से पीड़ित हैं, उनके लिए इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसके अलावा, लहसुन कुछ दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकता है।

इसलिए डाइट में लहसुन को नियमित रूप से शामिल करने या किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

Post a Comment

Previous Post Next Post