जबलपुर। जिले में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को सड़क पर फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कटंगी–पाटन मार्ग पर कैमोरी गांव के पास टेंट लगाकर चक्काजाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना को 15 दिनों से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतका के परिजन सड़क पर उतर आए और मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
मौत से पहले का वीडियो आया सामने
इस मामले में नवविवाहिता का मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में युवती तड़पती हुई नजर आ रही है, जबकि ससुराल पक्ष के लोग उसका वीडियो बनाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि बाद में उसे पानी भी पिलाया गया। यह वीडियो मायके पक्ष को भेजा गया था, जिसके बाद परिजनों ने मामले में साजिश की आशंका जताई है।
6 फरवरी को हुई थी शादी
परिजनों के मुताबिक कैमोरी निवासी पूजा साहू की शादी 6 फरवरी को जबलपुर के लार्डगंज क्षेत्र निवासी निखिल साहू से हुई थी। शादी के बाद 20 फरवरी को पूजा अपने पति, सास, ससुर और ननद के साथ उज्जैन गई थी।
परिजनों का कहना है कि 21 फरवरी को उज्जैन में पूजा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष का आरोप है कि पूजा की तबीयत खराब होने की बात कहकर ससुराल पक्ष वीडियो भेजता रहा और पैसों की मांग करता रहा, लेकिन उसे किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया।
10 लाख रुपये दहेज मांगने का आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के समय ससुराल पक्ष ने 10 लाख रुपये दहेज की मांग की थी। इसमें से मायके पक्ष ने करीब 4 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर और गृहस्थी का सामान दिया था, लेकिन बाकी 6 लाख रुपये के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
परिजनों के अनुसार 20 फरवरी को पति निखिल साहू, ससुर नरेश साहू, सास ज्योति साहू और ननद नम्रता साहू पूजा को उज्जैन ले गए थे। 21 फरवरी की सुबह भेजे गए वीडियो में पूजा की हालत बेहद खराब दिखाई दे रही थी और आरोप है कि उसे कोई जहरीला पदार्थ पिलाया गया।
मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर ससुराल पक्ष ने योजना बनाकर पूजा को उज्जैन में जहरीला पदार्थ देकर मार दिया और बाद में फर्जी डॉक्टर का पर्चा बनाकर परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की।
घटना के 25 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हैं। प्रदर्शनकारियों ने पति समेत ससुराल पक्ष के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
